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गुरुवार, 18 जून 2020

जीवन में खुश रहने का 10 महामंत्र –मुस्कुराते रहो


जीवन का मूल मंत्र ही खुशी है जिन्दगी स्वर्ग बन जाता है जब आप हमेशा खुश और संतुष्ट रहना सिख जाते हैं। ख़ुशी जीवन की सुखद आनंद की अनुभूति है उत्साह, प्रेम और सहानुभूति की संगम भी है जो लोगों को जिन्दगी को अलोकिक बना देता है। आईये जानते हैं जीवन में खुश रहने का 10 महामंत्र – मुस्कुराते रहो।   


जीवन में खुश रहने का 10 महामंत्र –मुस्कुराते रहो

1.सकारात्मक विचार  - 
सुबह उठते ही सबसे पहले मनुष्य को जितना संभव हो अपने अंदर सकारात्मक विचारों को लाना चाहिए। इतना ज्यादा की नकारात्मक विचार के लिए कोई जगह नहीं हो,जब सुबह में सकारात्मक विचार अन्दर आता है तो कोई भी मनुष्य ज्यादा खुश रहता है क्योंकि पूरा दिन दिमाग में सकारात्मक विचार ही आते रहेंगे जब भी सुबह उठे,अपने आप से यह कहें कि आज का दिन सबसे अच्छा दिन जाएगा और मैं आज ज्यादा खुश रहने वाला हूँ और भगवान से यह प्रार्थना करें कि आज का दिन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन बनाने में आपका सहयोग चाहिए। 


2.व्यायाम करना - 
प्रतिदिन व्यायाम करने से हमारा शरीर संतुलित रहता है सुबह ताजी हवा में व्यायाम करने से शरीर में हार्मोन बनी रहती है।जिससे हम ज्यादा सक्रिय रहते हैं जो खुशी रखने में सहायक होता है व्यायाम करने से शरीर में थकान आने के कारण हम रात को गहरी नींद में सोते हैं और गहरी नींद में सोने से स्ट्रेस यानी तनाव दूर होता है जिसे सुबह ताजा महसूस होता है। व्यायाम करने से किसी तरह का बीमारी भी नहीं होता। 

3.हमेशा वर्तमान में जियो - 
खुश रहने के लिए वर्तमान में रहना आवश्यक है अगर हम भविष्य की चिंता करते रहेंगे तो कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे और कभी भी खुश नहीं रह पाएंगे। भविष्य की चिंता ज्यादा नकारात्मक विचारों को जन्म देता है और इसी तरह अतीत में की हुई ग़लतियों या किसी घटना को लेकर ज्यादा परेशान नहीं रहना चाहिए अतीत को भूल कर वर्तमान में उस गलतियों से सीख कर आगे बढ़ना ही जिन्दगी है। 

4.हमेशा मुस्कुराते रहो - 
मुस्कुराना एक प्रकार का ख़ुशी का प्रतिबिंम है। मुस्कुराने से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है,जो तनाव, भय और चिंता को दूर करने में सहायक होता है जो शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर मन को चितआनंद देता है जिससे आप तनाव मुक्त रहते हैं। 
जब आप हमेशा मुस्कुराते हैं तो सामने वाला व्यक्ति भी आपको देखकर मुस्कुराता है यह एक मनोविज्ञान है जो सामने वाला व्यक्ति का प्रतिक्रिया वैसा ही होता है जैसा आपका होता है।हमेशा मुस्कुराने से कभी किसी से झगड़ा और तनाव की संभावना कम होती है जिससे आप तनाव मुक्त रहते हैं और जीवन में हमेशा खुश रहते हैं। 

5.सिमित इच्छा रखो - 
दुख का सबसे बड़ा कारण है अपनी इच्छा को बिना कारण बढ़ाना और सुख का सबसे बड़ा कारण है कि अपनी इच्छा को सीमित मात्रा में रखना। ऐसे इच्छा का होना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन व्यर्थ इच्छा रखना दुःख का कारण बनता है अगर हमारे पास साधन सीमित है और हम ज्यादा की अपेक्षा करते हैं तो निश्चय ही निराशा की भावना उत्पन्न होगी इसीलिए इच्छा को सीमित दायरे में रखना चाहिए। 

6.संतुष्टि - 
"संतोषम हि परम सुखम" अर्थात- संतोष में ही परम सुख है। मनुष्य में कितने ही गुण ओर अवगुण होते हैं। इन्हीं सभी में एक गुण है -संतोष। जिस इंसान के पास संतोष है वह हमेशा खुश व् सुखी रहता है। हमें जितना सामर्थ है उसी दायरे में रहना चाहिए और संतुष्ट रहने से खुशी मिलती है। 

7.दूसरों को सहायता करो -
शास्त्रों में लिखा है कि दूसरों को सहायता करना पुण्य होता है और पुण्य करने से आशीर्वाद मिलता और आशीर्वाद मिलने से हमें एक प्रकार का जीवन में संतुष्टि प्राप्त होता है। जीवन की संतुष्टि ही ख़ुशी है इसीलिए हमें जितना हो सके यथासंभव जरुरतमंद लोगों को सहायता करनी चाहिए। 

8.परिवार के साथ रहें -
एक शोध के अनुसार यह पता चलता है कि जो लोग अपने परिवार के साथ हमेशा रहते हैं वे तनाव मुक्त होते हैं अगर किसी कारणवश समाज में या ऑफिस में तनाव की स्थिति होती है तो तो घर आकर अपने परिवार के साथ मिलने पर वह तनाव मुक्त हो जाते हैं इसीलिए कभी अकेले नहीं रहना चाहिए और जो लोग परिवार के साथ रहते हैं उनका जीन्दगी का जीवनकाल भी ज्यादा होता है और यह इसलिए संभव होता है कि परिवार के साथ रहने वाले लोग ज्यादा खुश रहते हैं। 

जीवन में खुश रहने का 10 महामंत्र –मुस्कुराते रहो

9.कृतज्ञता- आभार की भावना -
आभार प्रकट करने से मन में संतुष्टि के भाव उत्पन्न होता है इसलिए हमेशा जब भी मौका मिले आभार प्रकट या धन्यवाद करने का मौका ढूंढना चाहिए। सुबह-सुबह हमें भगवान का आभार प्रकट करना चाहिए की एक और खुबसूरत दिन के लिए आपका आभार। अपने माता-पिता भाई-बहन, स्वजन, दोस्तों के प्रति भी आभार और धन्यवाद प्रकट करें। कभी किसी को धन्यवाद बोलने से हिचकना नहीं चाहिए और तो और तो हो सके तो बस या ऑटो ड्राईवर या नौकर को भी उसके कामों के लिए धन्यवाद करें। अन्दर से ख़ुशी महसूस करेंगे। 

10.कभी किसी से ज्यादा उम्मीद ना करना -
जब हम किसी से ज्यादा उम्मीद करते हैं और वह उम्मीद पर खड़ा नहीं उतर पाता है तो हम दुखी हो जाते हैं इसीलिए किसी से ज्यादा उम्मीद नहीं करना चाहिए अपने खुद सामर्थ और शक्ति पर ही हमेशा भरोसा करना चहिये हमेशा जीवन में खुश रहेंगे। 
जीवन में खुश रहने का 10 महामंत्र –मुस्कुराते रहो

11.प्रकृति से लगाव -
प्रकृति हमें भिन्न-भिन्न प्रकार के मौसम और जलवायु दिया है, पशु-पक्षी,पेड़ पौधें,पहाड़,नदी आदि सभी ने हमें अलग-अलग संदेश देने की कोशिश करती है जब हम इसे अन्दर से महसूस करते हैं तो मन आनंदित हो जाता है। इसीलिए हमें प्रकृति से प्यार करना चाहिए प्रकृति हमें संतुष्ट रहना सिखाती है खुश रहना सिखाती है। 




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